-:दु6मनी दोस्ती:-

लेखक:-एम मुबीन

बंडू सेर और जंबो हाथी सूंदरवन में साथ साथ ही रहते थे परंतु वे एक दूसरे के जानी दू6मन थे

सूंदरवन का हर प्राणी एक दूसरे का दोस्त था सब आपस में मिल जुलकर रहते थे यदि किसी से कोई गलती या एैसी बात हो भी जाती जिससे किसी का मन दूखे तो वह उसकी उस गलती का और ध्यान दिला देता था और गलती करने वाला भी अपनी गलती स्वीकार कर के क्षमा मांग लेता था और बात वहीं पर खत्म हो जाती थी

परंतु बंडू और जंबो पता नही किस बात पर एक दूसरे के दू6मन बन गए थे

ना वे एक दूसरे की गलती मानने को तैयार थे ना दू6मनी भूला कर दोस्ती का हाथ बढाना चाहते थे सारे जंगल के प्राणी उन्हें समझा समझा कर थक गए थे

'' बंडू जंबो इस बेकार की दू6मनी से क्या फायदा जब जंगल के सारे प्राणी मिल ुजुल कर रहते हैं तो फिर क्यों तूम एक दूसरे के जानी दू6मन बने बैठे हो? अपनी आपसी दू6मनी को मन से निकाल दो और एक दूसरे के दोस्त बन कर दोस्ताें की तरह एक दूसरे के साथ रहो जैसे दूसरे सारे प्राणी रहते है''

परंतु वे किसी की बात नही मानते थे

जहां उनका आमना सामना होता दोनो एक दूसरे को देख कर घूरने लगते

कभी बंडू आगे बढता तो कभी जंबो

बात सिर्फ घूरने तक ही सीमीत नही रहती क़भी कभी तो हाता  पाई की नौबत भी आ जाती

बंडू पंजा मार कर जंबो को घयल कर देता तो जंबो भी अपने सूंड में उठा कर उसे पटक देता

कभी कभी एक दूसरे को दूर से ही देख कर एक दूसरे को ललकारते एक दूसरे के पीछे दौडते

एक दिन जंबो कहीं जा रहा था कि उसका सामना बंडू से हो गया ज़ंबो उस दिन लडाई झगडा नहीं करना चाहता था इसलिए अपनी ओर से उस ने झगडे की पहल नही की

परंतु बंडू कब चूकने वाला था वह ललकारता हूआ उस पर झपटा

अपने पर बंडू को झपटता देख स्वंय को बचाने के लिए जंबो सरपट भागा बंडू भी उसके पीछे पीछे था वह जंबो को पंजा मार कर घायल करना चाहता था

अचानक वह दूर्घटना हो गयी

कुछ 6ािकारियों ने हाथी पकडने के लिए एक बहुत बडा गडडा खोद रखा था गडडा काफी गहरा था उसे उन्हों ने घास पूस मिटटी से इस तरह ढक दिया था कि वह दिखाई नहीं दे रहा था जंबो को भी वह गडडा दिखाई नहीं दिया और जैसे ही उसके पैर गडडे पर बिछी घास फूस पर पडे वह धडाम से गडडे में जा गिरा

गडडे में े जंबो अकेला नही गिरा उस पर झपटने वाला बंडू भी जंबो के साथ गडडे में जा गिरा गडडे में गिरते ही वे उस नए संकट से घबरा गए

जंबो चीख चीख कर गडडे में चक्कर लगाने लगा और उससे बाहर निकलने का प्रयत्न करने लगा परंतु गडडा काफी गहरा था भला वह फिर किस तरह गडडे से बाहर निकलता

इस संकट के कारण बंडू भी घबरा गया था जंबो के लिए खोदे गडडे में वह भी आ गिरा था वह भी दहाडता गडडे में चक्कर लगाता गडडे से बाहर निकलने का रास्ता ढूंडने लगा

परंतु उससे कई गूना उंचा पूरा जंबो गडढे से बाहर नही निकल पा रहा था तो वह भला किस तरह निकल पाता गडढे में चक्कर लगा कर बाहर निकलने का रास्ता ढूंडते चिंघाडतं अंत वे थक कर बैठ गए

कोई भी उनकी सहायता को नहीं आया था ना बाहर निकलने का कोई रास्ता सूझा था ऌस संकट में वे अपनी दू6मनी भूल गए और एक दूसरे से बातें करने लगे

''जंबो तुम्हारे  कारण मैं संकट में पडा हू''ं बंडू बोला'' यह गडढा तुम्हारे लिए खोदा गया था तुम तो इस में गिरे तुम्हारे साथ मैं भी संकट में फंस गया हूं''

''तुम्हारे कारण हम दाेंनो इस में गिरे है'' जंबो बोला'' ना तुम मुझे देख कर मुझ पर झपटते ना मैं जान बचाने के लिए भाग कर इस ओर आता, ना गडढे में गिरता माना यह गडढा मेरे लिए खोदा गया था परंतु तूम भी इसमें फंसे हो 6ािकारी तो बहुत खू6ा होंगे एक ोर भी उन्हें मिल रहा है'' क़ा काम 7ााम या 7

 

 

 

 

-----------------------समाप्त-----------------------

       

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