जंबो ने क्रिकेट खेला लेखक:-एम मुबीन
जब से जबों हाथ्ी ने जंगल खेल उत्सव में भार उठाने की प्रतियोगता में सवर्ण पदक जीता था तब से वह कुछ जयादा ही घमंडी हो गया था
उसने इस प्रतियोगता में शक्ति शाली गेंडा सिंह को हरा कर यह पदक जीता था तब से यह बात उसके मस्तिष्क में समा गई थी कि वह महाकाया और श्क्तिशाली है इस कारणवह हर खेल में माहीर बन कर स्वर्ण पदक जीत सकता है
उसके दोस्त मिकू बंदर ने उसे समझाया था
''जंबो ऐसी बात नहीं है एक स्वर्ण पदक जीतने पर तुम झूठे घमंड का 6ािकार हो गए हो घमंड अच्छी बात नहीं है जिस खेल को खेलने की योग्यता अपने भितर हो वही खेल खेलना चाहिये योग्यता का सही उपयोग और कडी मेहनत से ही उस खेल में महारत प्राप्त होती है''
परंतु यह बात जंबो की समझ में नही आ सकी वह तो बस रात दिन यही सोचता रहता था आज ये खेल खेलू और इस खेल में चैम्पियन बन जाउं
उस दिन उसके मस्ति8क में क्रिकेट का नामी खिलाडी बन्ने का भुत समाया
उस का मित्र मीकू बंदर अपने साथी बंदरो के साथ बरगद के पेड वाले मैदान में क्रिकेट खेला करता था
पहले उसे क्रिकेट में कोई रुची नहीं थी
'' छी येह भी कोई खेल है एक छोटी सी गेंद के पिछे 11 लोग परे6ाान दौड रहे हैं गिर रहे हैं चीख रहे हैं कभी लकडी के छोटे से टुकडे --बल्ले-- से गेंद को मार रहे हैं कभी असफल हो रहे है
और पता नहीं आपस में क्या क्या अजीब अजीब बातें कर रहे हैं सचिन ने 5ातक बनाया,कुंबले ने दस विकेट ली और अकही ही पूरी टिम को आउट कर दिया अकरम ने दो बार हेट ट्रि की ! इस से अचछा तो भार उठाने का खेल है क़ितने कठोर परिश्रम से और निपुणता से बोझ उठाना पडता है ''
परंतु क्रिकेट का माहीर बनने के चक्कर में वह अपने ही सारे विचार भूल गया और सीधा उस मैदान में जा पहुंचा जहां मीकू अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था
''मीकू में भी क्रिकेट खेलना चाहता हूं इस खेल का माहीर खिलाडी बनना चाहता हूं''
उसकी बात सूनकर मीकू हंस पडा
''जंबो मेै पहले ही तुम्हे समझा चुका हूं तुम हर खेल में माहीर नहीं बन सकते क़ि्रकेट भाग दौड चुसती फुरती का खेल है तुम इसे ना तो सही तौर पर खेल पाओंगे और ना इस का आनंद ले पाओंगे ''
''तुम ने मुझे क्या किसी से कम समझा'' है जंबो को गुस्सा आ गया ''मेै भार उठाने का स्वर्ण पदक विजेता हूं''
''ठीक है ठीक है आज से तुम भी हमारे साथ क्रिकेट खेलों'' ज़ंबो को गुससे में आता देखकर मीकू ने बात बदली
और जंबो सब के साथ क्रिकेट खेलने लगा
पहले उसने जिद की कि वह बल्लेबाजी करेंगा परंतू मीकू ने उसे समझाया
''हर खिलाडी को पहले फील्इिंग करनी पडती है फिर नंबर आने पर बल्लेबाजी पहले तुम क्षेत्ररक्षण करो नंबर आने पर बल्लेबाजी करना ''
जंबो क्षेत्ररक्षण करने लगा
कुछ ही देर में उसे अनुभव हुआ कि यह काम उसके बस की बात नहीं है
बल्ले से निकलीगेंद किसी गोली की गति मैदान में बढती है और उसे पकडने के लिए मैदान में छोटे छोटे फुरतीले बंदर दौड कर उसे पकड सकतें है परंतु उसके जैसी भारी भरकम काया वाला प्राणी यह काम नहीं कर सकता
गेंद पकडने के लिए वह पूरी गति से दौडता है परंतु गेंद उससे भी अघिक गति से बौंडरी लाइन पार करदेती और दौडते हूए जंबो की सांस फूलने लगी
एक बार गेंद पकडने के लिए जंबो पूरी गति से भागा भागते हुए उस का नियत्रण बिगड गया और वह धडाम से गिर पडा जोर से धरती पर गिरने से उसके 5ारीर पर चोटें आईं
सब हंस पडे परंतु अपनी झेंप मिटाने के लिए वह फिर क्षेत्ररक्षण करने मे लग गया
एक बार एक उंची गेंद उसकी ओर आई
'' केंच जंबा''े
सारे बंदर एक साथ चीखे
घबरा कर उसने जैसे ही अपनी सुूड में गेंद को पकडने की को6ाि6ा की गेंद को उसकी सुूड में नहीं आई परंतु जोर से उसके माथे पर आलगी और उसे दिन में तारे नजर आने लगे
''उफ जंबो इतना आसान केच नहीं पकड सके ' सब उसे टोकने लगे उसे गुससा आया उसे मार लगी इस की किसी को परवाह नही है उससे केच गिर गया इसका दु:ख है
थोडी सी भाग दौड के बाद उसकी सांस बुरी तरह फूलने लगी वह पसीना पसीना हो गया इस संकट से ुमुक्ति पाने के लिए उसने नई मांग की
''मैं गेंद बाजी करुंगा''
उसे गेंद दे दी गई वह दौडता हूआ आया और उसने गेंद फेंकी तो गेंद विकेट से बीस फुट दूर से निकल गई सभ्ब हंस पडे
''जंबो सही दि6ाा में गेंद फेंको''
वह भी झेंप गया अौर दूसरी गेंद फेंकने के लिए दैडता हूआ आया और गेंद फेंकने के लिए जैसे ही गेंद बाजाें की तरह उछला अपना संतुलन खो बैठा और धडाम से गिर पडा
सब बंदर उसे उठाने लगे अगली बार उसने सही दि6ाा में और कुछ धीमी गेंद फेंकी
उस पर बल्लेबाजी करने वाले कालू बंदर ने छक्का लगा दिया सब जंबो का मजाक उडाने लगे
''इतने बडे और मोटे हो कर भी कैसी गेंद बाजी करते हो कि कालू जैसा साधारन खिलाडी छक्का लगा देता हैं''
झेंप मिटाने के लिए जंबो को एक ही रासता दिखाइ दिया वह यह कि वह बल्ले बाज़ी करे क्योंकि उसे पता चल गया था फील्डिींग और बल्ले बाजी उस के बस की बात नहीं है
वह बल्ले बाजी करने लगा
पहली गेंद आई उसका बल्ला उपर उठा ही रहा तब तक गेंद तीनो विकेट उखड चुकी थीं
''बोल्ड''
सभी चींखे परंतु जंबो को एक अवसर दे दीया गया
दूसरी गेंद आकर इतनी जोर से उसके पैरों में लगी की वह दर्द से पैर उठा कर नाचने लगा
तीसरी गेंद आकर इतनी जोर से उस के माथे पर लगी के वह चकरा कर गिर पडा
खेल बंद हो गया और सभी जंबो को हो6ा में लाने का प्रयत्न करने लगे ज़ंबो को हो6ा आया तो सब उससे ूपूछ बैठे
''क्या हूआ था जंबो भाई?''
''कुछ नहीं एक सीरव मिल गई हर किसी को अपनी योगयता के अनुसारी ही खेल खेलना चाहिए हर खेल में माहीर बन्ने की को6ाि6ा में मुझ सी दुर्गत हो सकती हैं''
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