-:बुरे फंसे:-

लेखक:-एम मुबीन

जंबो और रामू 5ाहर आए रामू अपने नि6चित स्थान पर जंबो को बिठाकर अपने काम से चला गया

जंबो वहां बैठा रामू का दिया भोजन खा रहा था कि उसी समय स्कूल की छुटटी हो गइ

घर जाते हूए बच्चाें ने जंबो को सडक के किनारे बैठा हुआ देखा तो ''हाथी हाथी'' कहते दौडते उसके पास आए और उसे घेर लिया

वे उसे देखकर खू6ा होने लगे ,तालियां बजाने लगे और उसके बारे में एक दूसरे से बातें करने लगे

जंबो भी उनके साथ खेलने लगा

किसी के सिर पर अपनी सूंड फेरता तो अपनी सूंड से किसी के गालों को छू लेता ,तो अपनी सूंड से किसी के 5ारीर में गुदगुदी करने लगता ,तो बच्चे बहुत खू6ा होते और खु6ाी से तालियां बजाने लगते

फिर बच्चाें ने अपने टिफीन का बचा हूआ भोजन जंबो के सामने रख दिया

जंबो बहुत खू6ा हूआ और वह खू6ाी खू6ाी उस भोजन को खाने लगा

फिर जंबो के मन में आया बच्चो ने इतना अच्छा सवादि8ट भोजन मुझे खाने के लिए दिया है स्वयं नही खाया उनके इस त्याग का उन्हे कुछ फल देना चाहिए क्याें ना मैं उन्हे अपनी पीट पर लाद कर 5ाहर की सैर कराउं उन्हे 5ाहर में घुमाउं फिराउ, हां ये अच्छी बात है

जंबो ने सोचा और फिर एक बच्चे राजू को अपनी सूंड में उठाकर अपनी पीट पर बिठा लिया

पहले तो इस प्रकार जंबो के सूंड में उठाने से राजू डर गया और वह चीखने और रोने लगा ,परंतु जब जंबो ने उसे पीठ पर बिठाया तो वह समझ गया जंबो उनका दोस्त बन गया है वह उन्हें हानी नहीं पहुचांए गा

राजू के बाद जंबो ने हुनैन, पिंकी और समीर को भी अपनी पीठ पर बिठाया और खडा हो गया

रामू ने उसे समझाया था कि वह अपनी जगह से ना हिले ना कोई 5ारारत करे क्योंकी वह संकट में पड जाता है और उसे भी संकट में डाल देता है

परंतु जंबो ने सोचा इन बच्चाें के कारण भला मैं किसी तरह संकट में पड सकता हूं मैं थोडी देर इन बच्चों को अपनी पीठ पर बिठा कर 5ाहर की सैर कराउगा और वापस अपनी जगह लौट आउगा

सोचते वह बच्चो को 5ाहर की सैर कराने निकल पडा

 बच्चे जंबो की पीठ पर बैठकर बहुत खू6ा हूए और खु6ाी से तालियां बजाने लगे

''हाथी दादा हाथ्ी दादा हमें 5ाहर की सैर कराओ ''

 दादा तो इसके लिए तैयार ही था

वह उन बच्चाें को अपनी पीठ पर लादे 5ाहर की सडकाें पर फिरने लगा

और इस सैर सपाटे में कई घंटे बीत ग़ए स्कूल छूट जाने के बाद कई घंटे हो गए, तब भी बच्चे घर नहीं आए तो बच्चो के मा बाप चिन्तित हूए

उन्हो ने स्कूल से पता लगाया तो पता चला कि स्कूल समय पर छूट गया था और बच्चे उस समय यहां से चले गए है

उन दिनाें 5ाहर में बच्चाें के गुम होने की वारदातें  बहुत हो रही थीं कोई गिरोह सक्रिय था जो बच्चे चुराता था

उस बात को याद कर के उन बच्चाें के मां बाप ने अपना मन थाम लिया

''कहीं हमारे बच्चे भी उस गिरोह के लोगो ने तो नही चुरा लिए, ?नही नही''

वे डर गए और अपने बच्चों के गुम होने की तुरंत े पुलिस में रिर्पाट र्दज करा दी

एक साथ चार बच्चों के गुम होने की खबर से पुलीस भी परे6ाान हो गई उन्हाें ने चारों ओर बच्चों को ढूंढना आरंभ कर दिया

इस बीच राजू के गुम हो जाने की खबर जब राजू के पिता के एक दोस्त ने सुनी तो उन्हो ने आकर राजू के पिता को बताया

''मैं ने दो तीन घंटे पहले राजू को एक हाथी पर बैठा देखा था वह धामनंकर नाके पर घूम रहा था उस हाथी पर और भी तीन बच्चे थे मैं समझा 5ाहर में कोई हाथी आया होंगा जिस का मालिक पैसे लेकर बच्चाें को हाथी पर बिठा रहा होंगा तो राजू भी बैठ गया होगा''

  ''जरुर उस हाथी और उसके मालिक का सबंध बच्चे पकडने वालों के गिरोह से होगा जो बच्चों को हाथी पर बैठने का लालच दे कर फांसते होंगे''

यह सोचकर  राजू के पिता जी पुलिस स्टे6ान आए और पुलिस इन्सपेकटर को सारी बात बताई

''अगर बच्चे पकडने वाले गिरोह हथी की मदद से बच्चे फांसते हैं तो उस हाथी और उसके मालिक को हम जांनते है चलों उसको पकडते है''

ये कहते ही इन्सपेकटर उस सा थी वहां पर आए जहां जंबो रामू रोज आते थे

वंहा जंबो तो नहीं था रामू हैरान परे6ाान बैठा था '

' ए तुम्हारा हाथी कहां है?'' इन्सपेकटर ने कडक कर रामू से पूछा

'' पता नहीं साहब मैं तीन घंटे से यहां बैठा हूं आज पता नही वह कहां चला गया है''

''तुम अपने हाथी का बच्चो को लाभ देकर उन्हें बच्चे पकडने वाले गिरोह के हवाले कर देते हो तुम्हारा उस गिरोह से संबध है'' ऌन्सपेक्टर कडक कर बोला

रामू गिडगिडाता रहा कि वह निर्दो8ा  है उसका किसी बच्चे पकडने वाले गिरोह से कोई  संबध नही हैं परंतु उन्हाें ने उसकी एक ना सुनी और उसे पकड कर पुलिस स्टे6ान ले कर चले गए

''अब बताओ तुम ने अपना हाथी और वे चार बच्चे कहां छिपा रखे हैं जिन्हे तुम ने हाथी पर बैठने का लालच दे कर पकडा था ''इन्सपेकटर ने गरज कर रामू से पूछा

''में सच कहता हूं माई बाप मैं बच्चे पकडने वाला नही हूं'' रामू गिडगिडाता बोला ''मैं स्वंय तीन घंटे से अपने हाथी को ढूंढ रहा हूं मैने उसे उस जगह बिठाकर गया था आया तो वह वहां नही था पता नही कहां चला गया''

''तूम्हारे हाथी को भी हम ढूंढ निकालेगे''कहते इन्सपेकटर ने सारे 5ाहर में खबर कर दी कि यदि कहीं कोई हाथी दिखाई दे तो उसे पकडकर तुरंत पुलिस स्टे6ान लाया जाए

पुलिस रामू को मार मार कर पूछने लगी कि वह बताए उसने बच्चे कहां छिपा रखे है

और गिडगिडाता रामू यही कहता उसे कूछ नही मालूम

5ााम को पुलिस ने बच्चों के साथ जंबो को एक जगह पकड लिया और उन्हे पुलिस स्टे6ान ले आए जहां बच्चों ने जंबो और रामू को बुराफसा देखा तो उन्हो ने इंन्सपेकटर को वास्तविकता बताई

''जंबो या रामू का संबध किसी बच्चे पकडने वाले गिरोह से नही है हमने जंबो का भोजन दिया तो वह हमारा दोस्त बन गया था और हमे पीठ पर बिठा कर 5ाहर की सैर करा रहा था हम अपनी मरजी,इच्छा  से उस के साथ घूम रहे थे तो भला जंबो और इस आदमी का संबध बच्चे पकडने वाले गिरोह से किस तरह हो सकता है''

बच्चो के बयान के बाद पुलिस ने जंबो और रामू को छोड दिया और बच्चो को समझाया कि वे इस तरह इतनी देर बिना बताए घर से गाएब ना रहा करे

और रामू जंबो को बुरा भला कह रहा था कि उसके नटखट पन से आज वह बुरा फंसा था बच्चों ने उन्हे बचा लिया वरना दोनो जेल की हवा खाते

 

 

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